Friday, 6 March 2026

रंग पंचमी क्या है और क्यों मनाया जाता है?

रंग पंचमी जो एक हिन्दू त्योहार है, होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है। रंग पंचमी को रंगों, प्रेम और वसंत के आगमन के उत्सव के रूप में मनाया जाता है . रंग पंचमी को "देवताओं की होली" भी कहा जाता है.

जानिए रंग पंचमी पर्व से जुड़ी मुख्य बातें:

रंग पंचमी का अर्थ और तिथि: 
'रंग' यानी रंग यानी color और 'पंचमी' यानी महीने का पांचवां दिन होता है। रंग पंचमी हिंदू महीने फाल्गुन (या चैत्र) के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जिसके कारण यह होली के ठीक 5 दिन बाद आता है ।

2026 की तारीख: 
इस साल 4 मार्च को होली मनाई गई जबकि होलिका दहन 2 मार्च को था क्योंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण था। इसी कारण इस साल रंग पंचमी 8 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी।

रंग पंचमी प्रमुखता कहाँ मनाया जाता है?
रंग पंचमी पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में धूमधाम से मनाया जाता है।

रंग पंचमी मनाने के तरीके:
रंग पंचमी को लोग एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर होली जैसा रंगोत्सव मनाते हैं ।
रंग पंचमी के दिन विशेष रूप से राधा-कृष्ण की पूजा करने और उन्हें गुलाल अर्पित करने का विधान है।  वहीं कई जगहों पर भगवान की शोभा यात्राएं भी निकाली जाती हैं।

घरों में पूरन पोली, गुजिया जैसे विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं।

रंग पंचमी का धार्मिक महत्व और कथाएं:

एक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन ही भगवान कृष्ण ने राधा और गोपियों के साथ रंगों की रासलीला रचाई थी।

वहीं एक अन्य किदवंती के अनुसार, इस दिन देवी-देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर होली खेलते हैं।

रंग पंचमी त्योहार बुराई (राजस-तामस गुणों) पर अच्छाई की जीत और वातावरण के शुद्धिकरण का प्रतीक भी माना जाता है ।

रंग पंचमी 2026 की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, और खास नियम (क्या करें-क्या न करें):

रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त : 8 मार्च 2026, रविवार
अभिजीत मुहूर्त: 12:08 PM से 12:56 PM (सबसे शुभ समय) 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 AM से 05:50 AM 
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 PM से 03:17 PM 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:23 PM से 06:47 PM 
राहु काल (टालने योग्य समय): 04:57 PM से 06:25 PM 

रंग पंचमी पूजा विधि (Step-by-Step) :

स्नान व संकल्प:
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
चौकी सजाएं: 
घर के उत्तर-पूर्व अर्थात ईशान कोण में चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। साथ ही राधा-कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। वैसे कई जगहों पर मां लक्ष्मी-नारायण भगवान की पूजा का भी विधान है ।

अर्पण करें: 
चंदन, रोली, फूल, धूप, दीप और माखन-मिश्री या मौसमी फल का भोग लगाएं ।

रंग अर्पित करें: 
भगवान को गुलाल अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि थोड़ा सा गुलाल हवा में उड़ाने से देवता आकर्षित होते हैं ।

मंत्र जाप व आरती: 
"ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा" मंत्र का जाप करें । अंत में राधा-कृष्ण की आरती करें ।

रंग पंचमी को क्या करें (Do's) :
रंग पंचमी को सात्विक भोजन जैसे फल, मिठाई इत्यादि ग्रहण करें।
साथ ही अगर आप सबल हैं तब गरीबों को दान-दक्षिणा दें ।
रंग पंचमी के दिन सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें।

क्या न करें (Don'ts) :
रंग पंचमी के दिन काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
रंग पंचमी के दिन मांसाहार और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
रंग पंचमी के दिन पूजा के समय अपराध-विचार मन में न लाएं।

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